4 जनवरी 2026 — वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और वहाँ के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में एक बड़ा भू-राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें “सावधान” रहना चाहिए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका-वेनेजुएला संकट का साया
सप्ताहांत में अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले का आदेश दिया, जिसमें अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है और अमेरिका ले जाया गया है, ऐसा दावा ट्रंप प्रशासन ने किया है। इस कार्रवाई को लेकर अमेरिका ने ड्रग तस्करी और नारको-आतंकवाद के आरोप लगाए हैं।
वेनेजुएला और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने इस स्थिति को अपने देश की संप्रभुता पर हमला बताया है। वेनेजुएला की सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह अमेरिकी हस्तक्षेप है और इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ट्रंप की चेतावनी — “अपनी जान बचाओ”
वेनेजुएला पर ये कार्रवाइयां शुरू होने के तुरंत बाद, ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति पेट्रो को आगाह किया है कि वे इस स्थिति को लेकर “सावधान” रहें। ट्रंप के अनुसार, पेट्रो को यह समझना चाहिए कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए और अमेरिका के राष्ट्रीय हितों पर सवाल उठाने की बजाय अपने देश में बढ़ते अपराध और ड्रग तस्करी पर ध्यान देना चाहिए।
यह बयान उस बयान के जवाब में आया है जिसमें कोलंबिया ने अमेरिका की कार्रवाई पर “गहरी चिंता” जताई थी और इसे लैटिन अमेरिकी संप्रभुता के लिए खतरा बताया था।
क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएँ और वैश्विक चिंताएँ
ट्रंप की चेतावनी और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से लैटिन अमेरिका के कई नेता चिंतित हैं। कुछ देशों ने इसे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है और आवश्यक कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी इस मसले पर बैठक बुला रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल द्विपक्षीय मुद्दा नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन चुका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तनाव आगे बढ़ता है, तो यह न केवल लैटिन अमेरिका बल्कि वैश्विक राजनीति में अस्थिरता का बड़ा कारण बन सकता है।

