उत्तर प्रदेश के मेरठ और दिल्ली के बीच जुड़ने वाली आधुनिक रैपिड रेल सेवा ‘नमो भारत’ (RRTS) तथा मेरठ मेट्रो के नए किरायों की घोषणा कर दी गई है, जिससे आम जनता को किफायती और सुरक्षित यात्रा का मौलिक अधिकार (Right to Affordable Transport) मजबूत होता दिख रहा है। यह सेवा दिल्ली से लेकर मेरठ तक लगभग 82 किलोमीटर के कॉरिडोर पर यात्रियों को तेज, सुरक्षित, और आदर्श यात्रा विकल्प प्रदान करती है।
किराया ढांचा:
- ‘नमो भारत’ ट्रेन का न्यूनतम किराया ₹20 से शुरू होता है और अधिकतम ₹210 तक तय किया गया है।
- अगर कोई यात्री प्रिमियम श्रेणी चुनता है तो किराया लगभग ₹40 से ₹400 तक हो सकता है।
- मेरठ मेट्रो के भीतर स्थानीय यात्रा के किराए ₹20–₹60 तक रखे गए हैं, जिससे शहर के अंदर रोज़मर्रा के यात्रियों पर खर्च का बोझ कम होगा।
लोकतांत्रिक अधिकार के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण क्यों है:
भारत में सार्वजनिक परिवहन एक ऐसे मौलिक सेवा-क्षेत्र के रूप में देखा जाता है जहाँ सभी नागरिकों को समान रूप से सुरक्षित, सस्ती, और आसानी से उपलब्ध यात्रा सुविधा मिलनी चाहिए।
इन ट्रेनों की किराया नीति विशेष रूप से छात्रों, कम-आय वर्ग, महिला यात्रियों, तथा दैनिक काम-काज करने वालों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि सामाजिक न्याय और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा मिले।
सेवा दक्षता और समय की बचत:
इस नई सेवा के तहत दिल्ली से मेरठ का सफर अब लगभग 55 मिनट में पूरा किया जा सकता है, जो यात्रियों को समय की बचत के साथ-साथ रोज़गार और शिक्षा तक पहुंच और बेहतर बनाता है। यह सेवा जाम, ट्रैफिक और लंबी यात्रा लागत के बोझ को भी कम करती है।
समान अवसर और अधिकार:
सस्ते किराए के साथ-साथ QR/स्वाइप, स्मार्ट कार्ड, और UPI विकल्प जैसी आसान टिकटिंग व्यवस्था भी लागू है, जिससे डिजिटल साक्षरता के बिना भी हर नागरिक आसानी से यात्रा कर सकता है। इस तरह की नीतियाँ आर्थिक समानता और समावेशी विकास के लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
नमो भारत और मेरठ मेट्रो का किराया नीति में सार्वजनिक हित और मानवाधिकारों का ध्यान रखा गया है। यह पहल लोगों को बेहतर जीवनस्तर, रोजगार तक आसान पहुंच, और लम्बे समय तक यात्रा लागत में कमी जैसा अधिकार देती है, जिससे सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की आवाज़ को मजबूती मिलती है।
