गाजियाबाद: दिवाली की खुशियाँ मातम में बदलीं, इंदिरापुरम की बिल्डिंग में भीषण आग से 19 परिवार बेघर
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गाजियाबाद (23 अक्टूबर 2025): दिवाली की रात जहाँ देशभर में रोशनी और खुशियाँ बिखरी हुई थीं, वहीं गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके से एक दर्दनाक खबर सामने आई। शक्ति खंड-2 स्थित एक पाँच मंज़िला इमारत में बुधवार की रात भीषण आग लग गई, जिसमें पूरा मकान जलकर खाक हो गया। इस हादसे में किसी की जान तो नहीं गई, लेकिन करीब 19 परिवारों का सबकुछ राख हो गया।
पटाखे से लगी भीषण आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत के नीचे वाले फ्लोर में रहने वाले जितेंद्र शर्मा और उनके साथी राजीव दिवाली की शाम पटाखे फोड़ रहे थे। स्थानीय लोगों ने कई बार उन्हें ऐसा करने से मना किया, लेकिन उन्होंने चेतावनी को नज़रअंदाज़ कर दिया। तभी एक पटाखा ऊपर की मंज़िल में जाकर वहाँ रखे इन्वर्टर और तारों में फट गया। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया और धीरे-धीरे पूरी बिल्डिंग धधक उठी।

अफरातफरी और राहत अभियान
आग लगते ही इमारत में रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई। महिलाएँ और बच्चे किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले। चारों ओर धुआँ और चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
फायर ऑफिसर के अनुसार — “आग इतनी तेज़ थी कि आसपास की इमारतों को भी खाली कराना पड़ा ताकि आग फैल न सके।”
19 परिवारों का घर उजड़ा
इस बिल्डिंग में कुल 19 परिवार रहते थे। आग की लपटों ने सबकुछ तबाह कर दिया — फर्नीचर, कपड़े, दस्तावेज़ और बच्चों की किताबें तक जलकर राख हो गईं।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, अब ये परिवार सड़कों पर हैं या अपने रिश्तेदारों के यहाँ शरण लिए हुए हैं। एक पीड़ित महिला ने कहा —
“हमने सबकुछ अपनी आँखों के सामने जलते देखा। दिवाली की रात हमारे लिए काली रात बन गई।”
जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस आग का ज़िम्मेदार जितेंद्र शर्मा, उनके भाई विकास शर्मा और राजीव हैं, जिन्होंने लापरवाही से पटाखे फोड़े।
पीड़ितों का कहना है कि बार-बार मना करने के बावजूद उन्होंने पटाखे फोड़ना जारी रखा और अब सैकड़ों लोगों का घर तबाह हो गया।
लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
इंदिरापुरम थाने की पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है।
फायर डिपार्टमेंट की प्रारंभिक रिपोर्ट में आग का कारण आतिशबाजी बताया गया है।
प्रशासन ने फिलहाल नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और पीड़ित परिवारों को अस्थायी राहत देने की बात कही है।
सबक और चेतावनी
यह हादसा एक बड़ा सबक है कि त्योहारों की खुशी में जरा-सी लापरवाही कैसे कई जिंदगियों की मेहनत को राख बना सकती है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि संवेदनशील रिहायशी इलाकों में आतिशबाजी न करें, खासकर फ्लैट्स और बिल्डिंगों के पास।
सुरक्षा नियमों का पालन और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है।
लेखक: न्यूज़बाबाजी डिजिटल डेस्क
