भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव एक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से होता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66 के अंतर्गत निर्धारित है। आइए इसे चरणबद्ध रूप में समझते हैं:
🗳️ उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
1. चुनाव कराने वाला प्राधिकरण:
- चुनाव आयोग (Election Commission of India) इसकी पूरी प्रक्रिया संचालित करता है।
2. चुनाव का तरीका:
- अप्रत्यक्ष चुनाव (Indirect Election) होता है।
- गुप्त मतदान (Secret Ballot) के द्वारा।
- एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote – STV) का उपयोग किया जाता है, जो अनुपातिक प्रतिनिधित्व (Proportional Representation) पर आधारित है।
3. चुनाव मंडल (Electoral College):
उपराष्ट्रपति के लिए केवल संसद के दोनों सदनों के सदस्य मतदान करते हैं:
- राज्यसभा (सभी मनोनीत और निर्वाचित सदस्य)
- लोकसभा (सभी निर्वाचित सदस्य)
❌ राज्य विधानसभाओं के सदस्य उपराष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लेते।
4. योग्यता (Eligibility Criteria):
उपराष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति को:
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- कम से कम 35 वर्ष की आयु होनी चाहिए।
- राज्यसभा का सदस्य बनने के योग्य होना चाहिए।
- भारत सरकार के अधीन लाभ के किसी पद पर न हो (कुछ अपवाद हैं जैसे राष्ट्रपति, राज्यपाल, मंत्री आदि)।
5. नामांकन प्रक्रिया:
- कम से कम 20 प्रस्तावक और 20 अनुमोदक (seconder) चाहिए जो संसद सदस्य हों।
- नामांकन के साथ जमानत राशि भी जमा करनी होती है।
6. चुनाव परिणाम:
- जिस उम्मीदवार को बहुमत का कोटा (Quota) मिल जाता है, वह विजेता घोषित होता है।
🔄 कार्यकाल:
- उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
- वे दोबारा चुने जा सकते हैं।
🎓 अन्य भूमिका:
- भारत के उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) भी होते हैं।