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Pakistan रक्षा मंत्री ने दी भारत को ये नई धमकी, भारत ने भी किया पलटवार

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New Delhi 5 Oct – भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में ऐसा बयान दिया है, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। उन्होंने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि “भारत हमेशा क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करता है।”

ख्वाजा आसिफ का बयान और उसका असर

लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत अपनी नीतियों से पड़ोसी देशों पर दबाव बनाने की कोशिश करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय वायुसेना के मलबे से “भारत की वास्तविकता” उजागर हो चुकी है। उनका यह बयान उस वक्त आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावनाएँ बेहद सीमित हैं।

भारत की ओर से प्रतिक्रिया

भारत ने आसिफ के बयान को पूरी तरह से राजनीतिक करार दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान इस तरह के बयानों के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। भारतीय विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अपने आंतरिक राजनीतिक संकट से ध्यान भटकाने के लिए भारत को निशाना बना रहा है।

सीमा पर बढ़ती गतिविधियाँ

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियाँ बढ़ी हैं। हालांकि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है।

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कूटनीतिक संबंधों पर असर

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से संवाद का रास्ता बंद है। आतंकवाद, सीमा पार हमले और कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। इस कारण से हर बयानबाज़ी कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा देती है।

विशेषज्ञों की राय

विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयानों का असर सिर्फ राजनीतिक स्तर पर नहीं बल्कि सुरक्षा रणनीतियों पर भी पड़ता है। दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी सबसे बड़ी बाधा है।

ख्वाजा आसिफ का यह बयान एक बार फिर साबित करता है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों में स्थिरता अभी दूर की बात है। जब तक दोनों देश संवाद और शांति की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक ऐसे विवादित बयान क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बने रहेंगे।

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