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Doland Trump ने दी समंदर में बड़े सैन्य कार्रवाई की जानकारी

Donald Trump gave information about major military action in the sea.

नई दिल्ली – आज कल अमेरिका और उससे जुड़े उठाए गए कदम काफ़ी चर्चा का विषय बने हुए हैं चाहे वो व्यापार हो या कोई अन्य क्षेत्र इसी के बीच ट्रम्प ने समंदर में बड़े कार्रवाई की जानकारी दी है।

अमरीका ने ड्रग तस्करी के नाव पर किया सैन्य हमला, तीन ‘नार्कोटेररिस्ट्स’ मारे गए: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी नौबत बताया है जिसमें अमेरिकी सेना ने दक्षिण अमेरिका क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक कथित नशे की तस्करी कर रही नाव पर हमला किया। इस हमले में ट्रंप ने कहा कि नाव पर सवार तीन पुरुष “नार्कोटेररिस्ट्स” मारे गए।

जानिए घटना का घटना का विवरण

आपको बता दें की यह हमला USSOUTHCOM के इलाके में किया गया, जो दक्षिण और मध्य अमेरिका व कैरिबियन सागर के इलाके शामिल करता है। ट्रंप ने बताया कि खुफिया जानकारी ने पुष्टि की कि नाव अवैध नार्कोटिक्स तस्करी कर रही थी, और वह एक जाने-पहचाने तस्करी मार्ग से गुजर रही थी जो “अमेरिकियों को जहर पहुँचाने” की दिशा में था। उन्होंने कहा कि इस हमले में अमेरिकी सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई

इससे पहले हुई कार्रवाई

यह इसी महीने की तीसरी ऐसी कार्रवाई है जिसमें अमरीका ने कथित ड्रग तस्कर नौका को निशाना बनाया है, पहले की गई एक कार्रवाई में ट्रंप प्रशासन ने बताया कि वनेज़ुएला से एक नाव तस्करी कर रही थी, जिस पर हमला कर 11 लोगों को मौत हुई थी। यह नाव “Tren de Aragua” नामक गिरोह से जुड़ी बतायी गयी थी।

विवाद और कानूनी पहलू

इस तरह की सैन्य कार्रवाइयाँ राष्ट्रों के बीच संबंधों को तनावपूर्ण बना रही हैं, विशेषकर वनेज़ुएला ने इन हमलों को अमरीका द्वारा “घोषित युद्ध” घोषित करने जैसा कदम बताया है।मानवाधिकार संगठनों और कानूनी जानकारों ने कहा है कि ऐसी कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के सिद्धांतों के खिलाफ हो सकती हैं, खासकर जब आरोपों के सबूत सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हों।

डोनाल्ड ट्रंप की यह कार्रवाई इससे स्पष्ट संकेत है कि उनकी सरकार ड्रग तस्करी और “नार्कोटेररिज्म” के खिलाफ एक सख्त रुख अख्तियार कर रही है, और अब तस्करों को सिर्फ पकड़ने नहीं बल्कि सैन्य हमलों के जरिये खत्म करने की नीति अपनाई जा रही है। लेकिन इससे जुड़े कानूनी, राजनीतिक और मानवीय सवाल अभी भी ज्यों के त्यों हैं, जिनका जवाब समय और सार्वजनिक जांच ही दे पाएगी।

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