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Delhi News : कुट्टू का आटा बना लोगों के जान का दुश्मन, जानिए पूरा मामला

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New Delhi – दिल्ली के बाहरी इलाकों में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने आम लोगों के लिए ज़रूरत से ज़्यादा सतर्कता की घंटी बजा दी है। दिन-रात झल्लाने वाले ट्रैफिक, धुंध और शोर-शराबे के बीच, कभी कभी ऐसा कुछ हो जाता है जो हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य किसी मजाक की चीज़ नहीं है। हाल ही में, बाहरी दिल्ली के महेंद्र पार्क, समयपुर, भलस्वा डेरी, लाल बाग, स्वरूप नगर और जहांगीरपुरी इलाकों में लगभग 200 लोग कुट्टू के आटे (Delhi Buckwheat Flour Food Poisoning) से बने पकवान खाने के बाद बीमार पड़े।

जानिए क्या है मामला –

यह घटना कई तरह के संभावित कारणों की तरफ इशारा करती है:

  1. संक्रमित सामग्री
    कुट्टू (buckwheat) का आटा यदि सुरक्षित तरीके से संग्रहित न किया गया हो — जैसे कि उसमें कीट, फफूंदी या पानी की नमी हो — तो वो ज़हरीला हो सकता है या बैक्टीरिया फैल सकते हैं।

  2. अनुचित संसाधन और स्वच्छता
    पकवान बनाने या पकाने की प्रक्रिया में पानी, बर्तनों, खाना रखने की जगह आदि जहां स्वच्छता न हो, वहां जीवाणु या विषाणु फैलने का जोखिम बढ़ जाता है।

  3. संयोजन में मिलावट
    कभी-कभी आटे में मिलावट होती है — नकली आटा, मिलावटी सामग्री या नीचे गुणवत्ता वाला आटा मिलने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।

  4. ताज़गी और भंडारण की समस्या
    अगर आटे को लंबे समय तक खुली हवा में रखा गया हो, या कोई नमी आ गयी हो, तो उसका बैकअप बढ़ता है और नआवश्यक सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं।

जानिए इसका असर –

दिल्ली के बाहरी इलाकों में हुई यह घटना एक चेतावनी है कि हमें अपनी खाने-पीने की चीजों पर सिर्फ स्वाद और कीमत के आधार पर भरोसा नहीं करना है। गुणवत्ता, स्रोत, स्वच्छता, पैकेजिंग — ये सभी ज़रूरी हैं। प्रशासन को भी चाहिए कि खाद्य सुरक्षा मानक सख्ती से लागू करें, जांचें तेज़ हों और दोषी मिले तो जवाबदेही हो।

आखिरकार, हमारा स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है। अगर हम छोटी-छोटी सावधानियाँ बरतें—जैसे कि भरोसेमंद मार्केट से सामग्री लेना, खाना बनाने वालों से पूछ-ताछ करना, निर्माण प्रक्रिया की शुद्धता की जानकारी रखना—तो ऐसी घटनाएँ घटेंगी और भरोसा लौटेगा।

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